घमंड इंसान को उतनी ही तेज़ी से गिराता है जितनी तेज़ी से वो ऊपर चढ़ता है। पैसा, पद या ख़ूबसूरती, कुछ भी हमेशा नहीं रहता, पर किरदार रहता है। यहाँ घमंडी लोगों और अहंकार पर मौलिक शायरी और स्टेटस हैं, जिनमें तंज भी है और सीख भी।

घमंडी लोग शायरी
घमंड की ऊँचाई पर जो चढ़ते हैं,
वो गिरते भी सबसे ज़ोर से हैं।
दौलत का ग़ुरूर बहुत देखा हमने,
वक़्त ने सबको बराबर कर दिया।
तेरा घमंड तुझे मुबारक हो,
हमें अपनी सादगी पर नाज़ है।
जिन्हें अपने पद का बहुत अभिमान था,
आज वही कुर्सी किसी और के नाम है।
घमंडी इंसान अकेला रह जाता है,
उसके पास सब होता है, अपना कोई नहीं।
अहंकार पर शायरी
अहंकार की आग में सब जल जाता है,
रिश्ते, दोस्ती और सुकून भी।
रावण का भी अहंकार नहीं बचा,
फिर तुम किस बात पर इतराते हो।
झुकना सीखो, पेड़ भी फल आने पर झुकता है,
अकड़ा हुआ तो सूखा ठूँठ ही दिखता है।
अहंकार छोड़ा तो दुनिया अपनी लगी,
"मैं" हटाया तो हर राह सही लगी।
घमंडी लोगों के लिए स्टेटस
हम तुम्हारे घमंड से नहीं, तुम्हारे सलीक़े से प्रभावित होते।
घमंड मत कर, ये वक़्त है,
आज तेरा, कल किसी और का है।
इतना ऊँचा मत उड़ो कि ज़मीन दिखनी बंद हो जाए।
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