ज़िंदगी शायरी हिंदी में – ज़िंदगी के सबक़ और सुकून की 20 शायरी

ज़िंदगी हर रोज़ कुछ न कुछ सिखाती है: कभी ठोकर देकर, कभी किसी अपने की मुस्कान देकर। ये 20 मौलिक ज़िंदगी शायरी उन्हीं सबक़ों, छोटी-छोटी ख़ुशियों और परिवार की अहमियत के बारे में हैं। इन्हें पढ़िए, सोचिए और किसी ऐसे इंसान को भेजिए जिसे आज थोड़ी हिम्मत की ज़रूरत हो।

रोशनी से सजी छत पर साथ खाना खाता तीन पीढ़ियों का परिवार – ज़िंदगी शायरी
ज़िंदगी शायरी – Shayarifi

2 लाइन ज़िंदगी शायरी

#1

ज़िंदगी सवाल भी है, जवाब भी,
कभी काँटा लगती है, कभी गुलाब भी।

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#2

हर दिन एक नया मौक़ा लाता है,
बस देखने का नज़रिया चाहिए।

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#3

मुस्कुराकर जीना सीख लो यारो,
ग़म तो मेहमान हैं, चले जाएँगे।

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#4

ज़िंदगी लंबी नहीं, गहरी होनी चाहिए,
सादगी में भी एक अमीरी होनी चाहिए।

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#5

कल की फ़िक्र में आज मत खोना,
जो पल अभी है, वही असली सोना।

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ज़िंदगी के सबक़ पर शायरी

#6

ठोकरें ही सिखाती हैं सँभलकर चलना,
आसान रास्ते कुछ नहीं सिखाते।

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#7

लोग बदलते हैं मौसम की तरह,
बस अपनी जड़ें मज़बूत रखना।

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#8

हर किसी को ख़ुश रखना मुमकिन नहीं,
ख़ुद से सच्चे रहो, इतना काफ़ी है।

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#9

वक़्त और अपनों, दोनों की क़द्र करो,
ये दोनों दोबारा नहीं मिलते।

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#10

जो बीत गया उसे सबक़ बना लो,
जो आने वाला है, उसे मौक़ा।

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ख़ुशी और सुकून की शायरी

#11

सुकून महलों में नहीं मिलता,
माँ की गोद और अपनों की बातों में मिलता है।

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#12

चाय की प्याली, बारिश और यार,
इससे बढ़कर क्या चाहिए मेरे सरकार।

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#13

ख़ुश रहना आदत है, क़िस्मत नहीं,
इसे रोज़ थोड़ा-थोड़ा जीना पड़ता है।

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#14

जितनी ख़्वाहिशें कम, उतना सुकून ज़्यादा,
यही है ज़िंदगी का सबसे सादा वादा।

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#15

ख़ुशियाँ बाँटने से बढ़ती हैं जनाब,
ये वो दौलत है जिसका नहीं कोई हिसाब।

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माँ-बाप और परिवार पर शायरी

#16

माँ की दुआ, पिता का साया,
इनसे बड़ा कोई ख़ज़ाना न पाया।

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#17

पिता की ख़ामोशी में भी प्यार छुपा होता है,
वो ख़ुद थककर भी घर को सँभाले रखता है।

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#18

माँ के हाथ की रोटी का स्वाद,
दुनिया के हर पकवान से आगे है।

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#19

घर वो नहीं जहाँ बस दीवारें हों,
घर वो है जहाँ अपने इंतज़ार करें।

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#20

बचपन की गलियाँ आज भी बुलाती हैं,
जहाँ से बेफ़िक्री की हवाएँ आती हैं।

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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

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जब कोई दोस्त मुश्किल दौर से गुज़र रहा हो, किसी नए सफ़र की शुरुआत हो, या बस सुबह किसी को अच्छा सोचने की वजह देनी हो।

क्या ये शायरी स्पीच या कैप्शन में इस्तेमाल कर सकते हैं?

हाँ, निजी और ग़ैर-व्यावसायिक इस्तेमाल के लिए कर सकते हैं। स्कूल-कॉलेज की स्पीच की शुरुआत के लिए दो पंक्तियाँ अच्छा असर डालती हैं।

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