यादें वो सफ़र हैं जिन पर हम बिना टिकट, बिना सामान के कभी भी निकल पड़ते हैं। कुछ यादें मुस्कान देती हैं, कुछ आँखें नम कर जाती हैं। यहाँ यादों के सफ़र, बीते लम्हों और पुराने अपनों पर मौलिक शायरी है।

यादों का सफ़र शायरी
यादों का सफ़र भी अजीब होता है,
पल भर में बरसों पीछे ले जाता है।
चलते-चलते जो पीछे मुड़कर देखा,
यादों का एक कारवाँ साथ चलता दिखा।
कुछ यादें सँभाल के रखी हैं हमने,
जैसे पुरानी किताब में सूखे फूल।
यादों की गलियों में घूम आया हूँ,
बचपन से फिर मिलकर आया हूँ।
वक़्त गुज़र जाता है, लम्हे नहीं,
यादें रह जाती हैं, लोग नहीं।
पुरानी यादें शायरी
पुरानी तस्वीरें जब हाथ लगती हैं,
बीती बातें फिर से साथ लगती हैं।
वो गलियाँ, वो यार, वो शामें,
अब बस यादों में ही मिलती हैं।
पुराना घर बिक गया, पर यादें नहीं,
हर ईंट में बसी हैं वो बातें कहीं।
यादें भी बारिश जैसी होती हैं,
बिन बताए आती हैं, भिगो जाती हैं।
यादों पर स्टेटस
कुछ लोग चले जाते हैं, यादें छोड़ जाते हैं।
यादें ही तो हैं जो कभी पुरानी नहीं होतीं।
आज फिर यादों से मुलाक़ात हुई,
बिना कहे बहुत-सी बात हुई।
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