मासूमियत शायरी और स्टेटस – मासूम चेहरे और बचपन की मासूमियत पर शायरी

मासूमियत वो ख़ूबसूरती है जिसे किसी सजावट की ज़रूरत नहीं होती। किसी बच्चे की हँसी हो या किसी अपने का भोला चेहरा, मासूमियत हर दिल को छू जाती है। यहाँ मासूम चेहरे, बचपन की मासूमियत और भोलेपन पर मौलिक शायरी और स्टेटस हैं।

मासूमियत शायरी और स्टेटस – Shayarifi चित्र
मासूमियत शायरी – Shayarifi

मासूमियत शायरी 2 लाइन

#1

तेरी मासूमियत पे क़ुर्बान ये जहान,
तेरे भोलेपन में छुपा है सारा आसमान।

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#2

मासूम चेहरा और सच्ची आँखें,
इससे बढ़कर क्या हो सकती हैं बातें।

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#3

उसकी मासूमियत ने ऐसा जादू किया,
दिल ने बिना पूछे उसे अपना लिया।

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#4

चालाक दुनिया में मासूम रहना हुनर है,
यही तो सच्चे दिल की असली ख़बर है।

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#5

मासूमियत भी एक इबादत है जनाब,
हर किसी के नसीब में नहीं होती।

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मासूम चेहरे पर शायरी

#6

तेरा मासूम चेहरा देखकर लगता है,
ख़ुदा ने फ़ुर्सत में तुझे बनाया है।

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#7

चेहरे पर भोलापन, आँखों में शरारत,
यही है तेरी सबसे प्यारी आदत।

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#8

मासूम-सी मुस्कान तेरी, दिल चुरा ले गई,
एक नज़र में ही ज़िंदगी बदल गई।

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#9

उस मासूम चेहरे पे कोई दाग़ न आए,
मेरी हर दुआ में बस यही समाए।

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बचपन की मासूमियत शायरी

#10

बचपन की मासूमियत कहाँ खो गई,
अब हँसी भी सोच-समझकर आती है।

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#11

काग़ज़ की नाव और बारिश का पानी,
कितनी मासूम थी वो बचपन की कहानी।

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#12

बच्चों की हँसी में रब बसता है,
उनकी मासूमियत में सच्चा रिश्ता है।

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#13

काश लौट आए वो मासूम ज़माना,
जब रूठना भी था और फिर मान जाना।

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मासूमियत स्टेटस

#14

दिल आज भी बच्चा है, बस दुनिया ने समझदार बना दिया।

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#15

मेरी मासूमियत को मेरी कमज़ोरी मत समझना,
मैं भरोसा करता हूँ, बेवक़ूफ़ नहीं हूँ।

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#16

मासूम रहना चुना है मैंने,
चालाकी तो सबके पास है।

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