ज़िंदगी में कुछ लोग तभी याद करते हैं जब उन्हें कोई काम हो। ऐसे मतलबी रिश्ते दिल दुखाते हैं, पर साथ ही ये भी सिखाते हैं कि असली अपने कौन हैं। यहाँ स्वार्थी लोगों, मतलबी रिश्तों और झूठे रिश्तेदारों पर मौलिक शायरी है, जो बिना कड़वाहट के सच बोलती है।

स्वार्थी लोग शायरी
मतलब से याद करने वाले बहुत मिले,
बेमतलब हाल पूछने वाले कम मिले।
जब तक काम था, हम ख़ास थे,
काम ख़त्म, तो हम बस एक नाम थे।
स्वार्थ की दुनिया में दिल का क्या काम,
यहाँ हर रिश्ता है बस एक दाम।
वो मुस्कुराते तभी हैं जब ज़रूरत होती है,
बाक़ी दिनों उनकी नज़र भी दूर होती है।
मतलबी लोगों की एक ही पहचान है,
उनकी दोस्ती में भी कोई सौदा छुपा होता है।
मतलबी रिश्ते शायरी
रिश्ते अब दिल से नहीं, हिसाब से चलते हैं,
लोग फ़ायदा देखकर ही गले मिलते हैं।
मुश्किल वक़्त ने एक बात सिखा दी,
किसका प्यार सच्चा था, किसकी बस अदाकारी।
जिन रिश्तों में मतलब की मिलावट हो,
वो ज़्यादा दिन टिकते नहीं।
हमने रिश्ते निभाए पूरी ईमानदारी से,
उन्होंने निभाए अपनी सुविधा से।
काम पड़ा तो रिश्ता याद आ गया,
वरना सालों से कोई पैग़ाम नहीं आया।
झूठे और मतलबी रिश्तेदार शायरी
रिश्तेदार वो जो शादी में नाराज़ हों,
और मुसीबत में सबसे पहले ग़ायब हों।
सामने तारीफ़, पीछे शिकायत,
यही है कुछ रिश्तेदारों की आदत।
ख़ून के रिश्ते भी पराए लगे,
जब मुश्किल में सब बहाने बनाने लगे।
झूठे रिश्तों से अच्छा है अकेलापन,
कम से कम उसमें नहीं होता धोखेपन।
मतलबी लोगों पर स्टेटस
अब हम भी समझदार हो गए हैं,
हर मीठी बात पर भरोसा नहीं करते।
जो सिर्फ़ ज़रूरत में याद करे,
उसे ज़रूरत के हिसाब से ही जवाब दो।
कम लोग, पर सच्चे लोग,
यही है अब ज़िंदगी का उसूल।
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