घर के बड़े-बुज़ुर्ग वो छाँव हैं जिनके नीचे पूरा परिवार सुरक्षित महसूस करता है। उनका आशीर्वाद किसी दौलत से कम नहीं। यहाँ बड़ों के आशीर्वाद, बुज़ुर्गों की दुआओं और उनकी अहमियत पर मौलिक शायरी और स्टेटस हैं, जिन्हें आप उनके जन्मदिन, किसी ख़ास मौक़े या बस उनका शुक्रिया कहने के लिए भेज सकते हैं।

बड़े बुज़ुर्गों का आशीर्वाद शायरी
बड़ों के आशीर्वाद में वो असर होता है,
मुश्किल रास्ता भी आसान सफ़र होता है।
सिर पर जब बुज़ुर्गों का हाथ होता है,
तक़दीर भी झुककर साथ होती है।
दौलत से नहीं, दुआओं से घर चलते हैं,
बड़ों के आशीर्वाद से ही दीये जलते हैं।
जिसने बड़ों के पाँव छूकर दिन शुरू किया,
उसने हर मुश्किल को पहले ही जीत लिया।
नसीब वाले हैं जिनके घर बुज़ुर्ग हैं,
उनकी दुआओं में ही सारे सुख हैं।
बुज़ुर्गों की दुआएँ शायरी
माँ-बाप और दादा-दादी की दुआ,
हर बला से बचाती है, जैसे कोई हवा।
उनकी झुर्रियों में तजुर्बे की किताब है,
हर सलाह उनकी एक नायाब जवाब है।
दुआ जब बुज़ुर्गों के होंठों से निकलती है,
तो रब तक सीधी पहुँचती है।
हमने कुछ ख़ास नहीं किया ज़िंदगी में,
बस बड़ों की दुआओं ने रास्ता बना दिया।
काँपते हाथों से जो दुआ मिलती है,
उससे बड़ी कोई दौलत नहीं मिलती है।
बुज़ुर्गों की अहमियत पर शायरी
बुज़ुर्ग घर की नींव होते हैं,
दिखते कम हैं, पर सब कुछ थामे होते हैं।
जिस घर में बड़ों की इज़्ज़त होती है,
वहाँ हर रोज़ बरकत होती है।
उनकी कहानियों में हमारा बचपन है,
उनके साये में ही हमारा अपनापन है।
बुज़ुर्गों को वक़्त दो, दौलत नहीं,
उन्हें बस प्यार चाहिए, शोहरत नहीं।
आज जो हम हैं, उनकी बदौलत हैं,
बड़ों की सेवा ही सबसे बड़ी इबादत है।
बड़ों का आशीर्वाद स्टेटस
मेरी कामयाबी का राज़ बस इतना है,
मेरे सिर पर बड़ों का आशीर्वाद है।
मंदिर जाने से पहले घर के बड़ों को प्रणाम,
यही है मेरे दिन का सबसे पहला काम।
दुनिया की हर दौलत से अमीर हूँ मैं,
क्योंकि बड़ों की दुआओं का हक़दार हूँ मैं।
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