दादा जी घर का वो पेड़ हैं जिसकी छाँव में पूरा परिवार पलता है। उनकी कहानियाँ, उनकी डाँट और उनका प्यार, सब कुछ यादगार होता है। यहाँ दादा जी के लिए मौलिक शायरी, दादा-पोता-पोती के रिश्ते पर शेर और उनके लिए दो प्यार भरे शब्द हैं।

दादा जी के लिए 2 लाइन शायरी
दादा जी की छड़ी में भी एक सहारा है,
उनका हर लफ़्ज़ हमारे लिए किनारा है।
घर की हर ईंट उनकी मेहनत की कहानी है,
दादा जी की दुआ ही हमारी निशानी है।
सफ़ेद बालों में तजुर्बे की चमक है,
दादा जी की बातों में ज़िंदगी की महक है।
दुनिया का सबसे अमीर इंसान हूँ मैं,
क्योंकि दादा जी का लाडला हूँ मैं।
उनकी एक मुस्कान से घर रौशन होता है,
दादा जी के बिना आँगन सूना होता है।
दादा-पोता और दादा-पोती शायरी
दादा जी की उँगली पकड़ कर चलना सीखा,
उनके कंधे पर बैठकर मेला देखा।
पोते की शरारत पर दादा का हँसना,
यही है इस घर का सबसे प्यारा सपना।
दादा जी की कहानियाँ और उनकी गोद,
बचपन का सबसे मीठा था वो मोड़।
पोती के लिए दादा जी हैं सुपरहीरो,
उनके सामने हर ग़म है ज़ीरो।
दादा कहते हैं "तू मेरा दोस्त है",
सच में, वो मेरे सबसे अच्छे दोस्त हैं।
दादा जी के लिए दो शब्द
आपकी सीख ने हमें इंसान बनाया है,
आपके प्यार ने हमें जीना सिखाया है।
दादा जी, आप हैं तो घर, घर लगता है,
आपकी दुआओं से हर डर दूर भगता है।
उम्र भले बढ़ जाए आपकी,
पर हमारे लिए आप हमेशा सबसे मज़बूत रहेंगे।
दादा जी की याद में शायरी
आप चले गए पर आपकी बातें यहीं हैं,
घर के हर कोने में आपकी यादें बसी हैं।
आज भी आपकी कुर्सी ख़ाली नहीं लगती,
आपकी दुआ हर पल हमारे साथ चलती।
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