रुतबा शायरी 2 लाइन – रुतबे वाली एटीट्यूड शायरी और स्टेटस

रुतबा पैसे या दिखावे से नहीं, बल्कि किरदार, मेहनत और इज़्ज़त से बनता है। जिसका रुतबा सच्चा होता है, उसे शोर मचाने की ज़रूरत नहीं पड़ती। यहाँ रुतबे और शान पर मौलिक 2 लाइन शायरी और स्टेटस हैं।

रुतबा शायरी 2 लाइन – Shayarifi चित्र
रुतबा शायरी – Shayarifi

रुतबा शायरी 2 लाइन

#1

रुतबा हमारा किसी से उधार नहीं,
मेहनत से कमाया है, ख़ैरात नहीं।

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#2

हमारा रुतबा हमारी चाल से दिखता है,
शोर से नहीं, किरदार से बिकता है।

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#3

नाम बड़ा करने में उम्र लगी है,
रुतबा यूँ ही नहीं, बरसों की तपस्या लगी है।

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#4

भीड़ हमसे नहीं, हम भीड़ से अलग हैं,
यही हमारा रुतबा, यही हमारी झलक है।

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#5

जहाँ से गुज़रते हैं, इज़्ज़त मिलती है,
ये रुतबा दौलत से नहीं, दुआ से मिलता है।

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रुतबे वाली एटीट्यूड शायरी

#6

हमारे रुतबे की बात मत पूछो जनाब,
दुश्मन भी हमारा नाम इज़्ज़त से लेते हैं।

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#7

रुतबा शेरों का होता है, गीदड़ों का नहीं,
शान अपने दम की होती है, सहारों की नहीं।

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#8

हम वो हैं जो महफ़िल में चुप रहें तो भी,
सबकी नज़रें हमें ही ढूँढती हैं।

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#9

कुर्सी से नहीं, क़िरदार से रुतबा है,
वरना कुर्सियाँ तो बदलती रहती हैं।

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हमारा रुतबा स्टेटस

#10

रुतबा वही, जो पीठ पीछे भी बना रहे।

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#11

हमारी ख़ामोशी भी एक रुतबा रखती है,
बोलने की ज़रूरत नहीं पड़ती।

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#12

इज़्ज़त कमाई है, ख़रीदी नहीं,
यही है हमारे रुतबे की असली कमाई।

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#13

रुतबा बड़ा हो तो दिल भी बड़ा रखो,
छोटों को इज़्ज़त, बड़ों को अदब दो।

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