मरने वाली शायरी – गहरे दर्द की शायरी और जीने की वजह

कभी-कभी दर्द इतना भारी हो जाता है कि लगता है सब ख़त्म कर दें। अगर आप ऐसा महसूस कर रहे हैं, तो आप अकेले नहीं हैं और ये एहसास हमेशा नहीं रहेगा। अभी किसी भरोसेमंद इंसान से बात कीजिए, या भारत में टेली-मानस हेल्पलाइन 14416 (24 घंटे, मुफ़्त) पर कॉल कीजिए। आपात स्थिति में 112 डायल करें। नीचे की शायरी उस दर्द को लफ़्ज़ देती है, और याद दिलाती है कि अँधेरे के बाद सुबह आती है।

अगर आप ख़ुद को नुक़सान पहुँचाने के बारे में सोच रहे हैं: अभी किसी अपने से बात करें या टेली-मानस 14416 (या 1-800-891-4416) पर कॉल करें, ये 24 घंटे मुफ़्त और गोपनीय है। तुरंत ख़तरा हो तो 112 डायल करें।
मरने वाली शायरी – Shayarifi चित्र
मरने वाली शायरी – Shayarifi

गहरे दर्द की शायरी

#1

दिल इतना भारी है कि लफ़्ज़ कम पड़ गए,
पर ये बोझ बाँटने से हल्का होता है।

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#2

टूटे हैं, थके हैं, पर हारे नहीं,
अभी कुछ ख़्वाब हमारे बाक़ी हैं।

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#3

दर्द ने इतना घेरा कि रास्ता न दिखा,
फिर किसी अपने ने हाथ थामा, उजाला दिखा।

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#4

आज जो ज़ख़्म सबसे गहरा लगता है,
कल वही सबसे बड़ी ताक़त बनता है।

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जीने की वजह शायरी

#5

माँ की आँखों में इंतज़ार है मेरा,
इसलिए हर सुबह उठता हूँ मैं।

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#6

ज़िंदगी ने बहुत रुलाया, माना,
पर अभी उसे हँसाकर दिखाना है।

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#7

एक मुश्किल दौर पूरी ज़िंदगी नहीं होता,
कहानी का एक पन्ना पूरी किताब नहीं होता।

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#8

जब सब छोड़ने का मन करे,
तो सोचना, कोई तुम्हें खोना नहीं चाहता।

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उम्मीद और हिम्मत की शायरी

#9

रात कितनी भी अँधेरी हो, सुबह आती है,
बस थोड़ा रुको, ज़िंदगी फिर मुस्कुराती है।

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#10

मदद माँगना कमज़ोरी नहीं,
ये सबसे बड़ी हिम्मत की निशानी है।

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#11

दर्द कहो, चुप मत रहो,
किसी अपने को अपना हाल कहो।

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