पीठ पीछे धोखा शायरी – पीठ पीछे बुराई और विश्वासघात पर शायरी

सबसे गहरा ज़ख़्म दुश्मन नहीं, अपने देते हैं, और वो भी पीठ पीछे। जिस पर भरोसा किया, उसी का धोखा दिल को लंबे समय तक चुभता है। यहाँ पीठ पीछे धोखे, बुराई और विश्वासघात पर मौलिक शायरी है जो उस दर्द को लफ़्ज़ देती है और आगे बढ़ने की हिम्मत भी।

पीठ पीछे धोखा शायरी – Shayarifi चित्र
पीठ पीछे धोखा शायरी – Shayarifi

पीठ पीछे धोखा शायरी

#1

सामने से वार करते तो सह लेते,
पीठ पीछे के ज़ख़्म भरते नहीं।

व्हाट्सऐप
#2

जिसे ढाल समझा था अपनी,
उसी ने पीछे से ख़ंजर चला दिया।

व्हाट्सऐप
#3

धोखा देने वाले को पता नहीं,
उसने भरोसा तोड़ा है, दिल नहीं।

व्हाट्सऐप
#4

मुस्कुराकर गले मिलने वाले,
पीठ पीछे सबसे ज़्यादा बोलने वाले।

व्हाट्सऐप
#5

हमें दुश्मनों से कोई गिला नहीं,
शिकायत उनसे है जो अपने बनकर आए।

व्हाट्सऐप

पीठ पीछे बुराई करने वालों पर शायरी

#6

पीठ पीछे बोलने वाले पीछे ही रह जाते हैं,
हम आगे बढ़ जाते हैं, वो बातें बनाते हैं।

व्हाट्सऐप
#7

मेरी बुराई करने में जो वक़्त लगाते हो,
उतने में ख़ुद को बेहतर बना लेते।

व्हाट्सऐप
#8

तुम्हारी बातें मेरे क़दम नहीं रोक सकतीं,
पीठ पीछे की आवाज़ें आगे तक नहीं पहुँचतीं।

व्हाट्सऐप
#9

सामने आकर कहो तो इज़्ज़त करेंगे,
पीछे की बातों पर हम ध्यान नहीं देंगे।

व्हाट्सऐप

विश्वासघात और भरोसे पर शायरी

#10

भरोसा काँच की तरह होता है,
एक बार टूटे तो निशान रह जाता है।

व्हाट्सऐप
#11

अब हर किसी पर भरोसा नहीं करते,
एक धोखे ने बहुत कुछ सिखा दिया।

व्हाट्सऐप
#12

धोखा देकर तुमने हमें खोया है,
हमने तो बस एक सबक़ पाया है।

व्हाट्सऐप
#13

वक़्त सब दिखा देता है,
कौन अपना था, कौन बस नाम का।

व्हाट्सऐप
शेयर करने का सुझाव: शायरी कॉपी करके उसके आगे सामने वाले का नाम या कोई छोटी-सी बात जोड़ दें। “व्हाट्सऐप” बटन से शायरी सीधे चैट में खुल जाती है।

इसी तरह की और शायरी

इस पेज की सभी शायरी Shayarifi टीम की मौलिक रचनाएँ हैं। निजी शेयरिंग के लिए बेझिझक इस्तेमाल करें।

Scroll to Top