भरोसा तोड़ने वाली शायरी – टूटे भरोसे और विश्वासघात पर शायरी

भरोसा बनने में बरसों लगते हैं और टूटने में एक पल। जब कोई अपना भरोसा तोड़ता है, तो सिर्फ़ रिश्ता नहीं, इंसान का ख़ुद पर से यक़ीन भी हिल जाता है। यहाँ टूटे भरोसे के दर्द पर मौलिक शायरी है।

भरोसा तोड़ने वाली शायरी – Shayarifi चित्र
भरोसा तोड़ने वाली शायरी – Shayarifi

भरोसा तोड़ने वाली शायरी

#1

भरोसा किया था ख़ुद से ज़्यादा,
तुमने तोड़ा अपने वादे से ज़्यादा।

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#2

टूटा हुआ भरोसा जोड़ा नहीं जाता,
जुड़ भी जाए तो पहले जैसा नहीं रहता।

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#3

तुम पर भरोसा मेरी सबसे बड़ी भूल थी,
और सबसे बड़ा सबक़ भी।

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#4

जिसके लिए दुनिया से लड़ गए,
उसी ने हमें दुनिया के आगे छोड़ दिया।

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टूटे भरोसे का दर्द

#5

अब किसी की मीठी बातों पर यक़ीन नहीं,
एक धोखे ने हर रिश्ता शक़ में बदल दिया।

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#6

भरोसा टूटा तो आवाज़ नहीं हुई,
पर अंदर बहुत कुछ बिखर गया।

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#7

हम आज भी वही हैं, बस भोले नहीं रहे,
तुम्हारे बाद किसी के अपने नहीं रहे।

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