विरोधियों के लिए शायरी – दुश्मन को चेतावनी और करारा जवाब (2 लाइन)

विरोधी हर उस इंसान के होते हैं जो आगे बढ़ रहा हो। उनका सबसे अच्छा जवाब गाली या झगड़ा नहीं, बल्कि आपकी कामयाबी और आपका सलीक़ा है। यहाँ विरोधियों और दुश्मनों के लिए ऐसी मौलिक शायरी है जो तीखी भी है और शालीन भी, ताकि आप अपनी बात रख सकें बिना अपना स्तर गिराए।

विरोधियों के लिए शायरी – Shayarifi चित्र
विरोधियों के लिए शायरी – Shayarifi

विरोधियों के लिए 2 लाइन शायरी

#1

मेरे विरोधी भी मेरी शान बढ़ाते हैं,
जहाँ जाते हैं, मेरा ही नाम सुनाते हैं।

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#2

विरोध करने वालों का शुक्रिया अदा करते हैं,
उन्हीं की वजह से हम और मेहनत करते हैं।

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#3

तुम्हारी नफ़रत भी हमारे काम आई है,
हर ठोकर ने हमें नई ऊँचाई दिखाई है।

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#4

हमारी चर्चा तुम्हारी महफ़िल में आम है,
बस इतना ही काफ़ी है, यही हमारा नाम है।

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#5

विरोध की आँधी से जो डर जाते हैं,
वो चिराग़ कभी रौशनी नहीं फैलाते हैं।

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दुश्मन को चेतावनी शायरी

#6

ख़ामोश हैं तो ये मत समझो कि हार गए,
शेर भी शिकार से पहले सन्नाटा रखता है।

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#7

वक़्त हमारा भी आएगा, याद रखना,
अपनी ज़ुबान ज़रा सँभालकर रखना।

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#8

हम सब्र करते हैं तो कमज़ोर न समझ,
समंदर शांत हो तो गहराई भी बहुत होती है।

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#9

जितना गिराओगे, उतना ऊपर उठेंगे,
हम वो पतंग हैं जो हवा से नहीं डरेंगे।

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#10

मैदान में आओ तो हुनर की बात करना,
पीठ पीछे की बातें हमें नहीं जँचतीं।

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दुश्मन को जलाने वाली शायरी

#11

हमारी मुस्कान ही उनकी सबसे बड़ी सज़ा है,
जो चाहते थे कि हम टूट जाएँ।

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#12

जलने वालों की दुआ से ही रौनक़ है,
वरना इतनी नज़र किसको लगती है।

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#13

तुम हमारी कमियाँ गिनते रहो,
हम अपनी कामयाबियाँ गिनते रहेंगे।

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#14

हमारी तरक़्क़ी से जिनकी नींद उड़ी है,
उन्हें बता दो, अभी तो कहानी शुरू हुई है।

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#15

जिनको हमारी हार का इंतज़ार था,
आज वही हमारी जीत के गवाह हैं।

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दुश्मन की औक़ात और विरोध पर तंज

#16

औक़ात की बात वो करें जिनकी पहचान अपनी हो,
उधार के नाम से कोई बड़ा नहीं होता।

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#17

हमसे लड़ने का शौक़ है तो क़ाबिलियत लाओ,
भीड़ इकट्ठी करने से जीत नहीं मिलती।

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#18

विरोध भी करो तो सलीक़े से करो जनाब,
शोर मचाने से सच नहीं बदलता।

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#19

काग़ज़ के शेर बहुत देखे हैं हमने,
पहली बारिश में ही गल जाते हैं।

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#20

दुश्मनी भी निभाते हैं हम इज़्ज़त से,
पर जवाब देते हैं पूरी शिद्दत से।

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